अवध बुलेटिन संवाददाता।
गोरखपुर शहर गीता वाटिका स्थित जेनिस बॉटल हुक्का बार में तीन नाबालिग लड़कियों से सामूहिक दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद मामले की जांच में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, हुक्का बार के उद्घाटन के बाद से ही उसमें देह व्यापार का खेल शुरू हो गया था।
जानकारी के मुताबिक नशे की हैवी डोज देकर किशोरियों के साथ गलत काम किया जाता था। फिर वीडियो, फोटो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करके देह व्यापार में धकेल दिया जाता था। जो बर्दाश्त कर जातीं वे धंधे में शामिल हो जातीं, वरना सबकुछ खत्म। ऐसी गंदी कमाई से हुक्काबार संचालक अनिरुद्ध ओझा कम ही दिनों में करोड़पति बन गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा के मोबाइल की जांच की तो 50 से अधिक लड़कियों के नंबर मिले। अनिरुद्ध के व्हाट्सएप से कई लोगों को लड़कियों के फोटो भेजे गए थे। सूत्रों की माने तो अनिरुद्ध शहर के कई सफेदपोश और कारोबारियों के संपर्क में था। वह उन्हें लड़कियों की सप्लाई करता था।
इसके पहले व्हाट्सएप पर लड़कियों के फोटो भेजकर पसंद कराता था। पसंद आने पर वे 15 से 20 हजार रुपये देकर लड़कियों को लखनऊ, नेपाल टूर पर साथ ले जाते थे। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी अनिरुद्ध ओझा के पास एक कार है। इस कार का इस्तेमाल देह व्यापार में फंसी लड़कियों को इधर-उधर भेजने में किया जाता था। पुलिस ने उसकी कार को भी कब्जे में ले लिया है।
बहरहाल गोरखपुर पुलिस इस पूरे मामले में सतर्कता बरतते हुए जांच कर रही है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने शुक्रवार को हुक्काबार में देह व्यापार मामले की समीक्षा की। उन्होंने एसपी सिटी, सीओ कैंट, सीओ गोरखनाथ और विवेचकों से केस की जांच रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। एसएसपी एसपी सिटी अभिनव त्यागी व सीओ को रोज इस केस समीक्षा करने के निर्देश दिए। कहा कि एक हफ्ते में वह खुद भी मामले की समीक्षा करेंगे।