अवध बुलेटिन संवाददाता।
खाकी यानि की पुलिस, आम जनमानस में खाकी को लेकर आज भी डर का माहौल बना रहता है और कहीं न कहीं इसकी वजह पुलिस महकमे में बैठे कुछ ऐसे अधिकारी और कर्मचारी हैं जो खुद को जनता का सेवक नहीं बल्कि उनका हाकिम समझने लगते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पुलिस अधिकारी से रूबरू कराएँगे जिनकी आदतें और स्वभाव हमेशा गरीब मजलूम को हंसाती आयी हैं। ये हैं संतोष पटेल, मध्यप्रदेश पुलिस में डीएसपी हैं, ग्वालियर सर्किल की कमान सँभालने वाले संतोष पटेल के कई गुड वर्क अक्सर सोशल मीडिया पर देखने को मिल जाते हैं लेकिन इस ताजे वाकये ने वाकई में दिल जीत लिया। असल में हुआ यूँ कि संतोष पटेल अपने दल बल के साथ नाईट पेट्रोलिंग कर रहे थे, ठंड कड़ाके की है लिहाजा इन्हें और इनकी टीम को भी दिक्क्तें पेश आ रही थीं तभी इन्हें एक बुजुर्ग दिखे जो अलाव जलाये बैठे थे। संतोष पटेल और उनकी टीम ने बुजुर्ग के पास बैठ कर शरीर को गर्म किया और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। तब पता चला कि 70 साल के ये बुजुर्ग अपनी नातिन की पढ़ाई के लिए इस उम्र में चौकीदारी का काम करते हैं फिर भी इतना नहीं जुटा पाते। 3 महीने से उनकी नातिन की फीस नहीं जमा हुई है। ये सुन कर डीएसपी साहब ने आनन फानन में पैसे इकठ्ठा किये और दादा को दिए जिससे उनकी नातिन की फीस जमा हो सके।
हम दिल से सम्मान करते हैं ऐसे पुलिस अधिकारी का जो पब्लिक सर्वेंट बनने का सिर्फ दिखावा नहीं करते बल्कि जरुरत पड़ने पर उसे प्रमाणित भी करते हैं।